दादा की संपत्ति में पोते पोती का अधिकार | बंटवारे के नियम और कानूनी हक़। Property
दादा की संपत्ति में पोते पोती का अधिकार | बंटवारे के नियम और कानूनी हक़ दादा की संपत्ति में पोते पोती का अधिकार इस बात पर निर्भर करता है कि संपत्ति पैतृक है या स्व-अर्जित, और उनके माता-पिता जीवित हैं या नहीं। अगर संपत्ति पैतृक है, तो पोता पोती को जन्म से ही अपने पिता के हिस्से के बराबर अधिकार मिलता है, लेकिन यह अधिकार तभी बनता है जब उनके पिता का निधन हो चुका हो। वहीं, अगर संपत्ति दादा की खुद की खरीदी हुई (स्व-अर्जित) है, तो पोते पोतियों का उस पर कोई सीधा कानूनी हक नहीं होता। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि दादा की प्रॉपर्टी में किसका कितना अधिकार है? पैतृक संपत्ति का बंटवारा कैसे होता है और अगर माता-पिता जीवित हैं तो क्या वे दादा की संपत्ति पर पोता पोती दावा कर सकते हैं या नहीं? दादा की संपत्ति के प्रकार और उसमे पोते पोती के अधिकार दादा की प्रॉपर्टी में पोते और पोती का अधिकार जन्म से हो होता है या पिता के माध्यम से मिलता है, यह पूरी तरह से संपत्ति प्रकार पर निर्भर करता है। यहाँ हम दादा की संपत्ति के दो मुख्य प्रकारों के बारे में बात करेंगे: 1. दादाजी की स्...