महिलाओ का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन(निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013

                   (विशाखा समिति)

महिलाओ का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन(निवारण,              प्रतिषेध और   प्रतितोष) अधिनियम 2013 







1. जिस महिला के साथ कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन हुआ, वह शिकायत कर सकती है

जहॉ व्यथित महिला अपनी शारीरिक या मानसिक असमर्थता या मृत्यु के कारण या अन्यथा शिकायत करने में असमर्थ है वहॉ उसका विधिक वारिस या ऐसा अन्य व्यक्ति जो विहित किया जाए इस धारा 9 के अधीन परिवाद करेगा।

2. शिकायत घटना से 3 महीने के अंदर होना चाहिए।

3. शिकायत करने की सीमा  तीन महीने तक बढाई जा सकती है। यदि शिकायत समिति को लगता है कि पीडिता शिकायत करने में असमर्थ थी।

4. शिकायत लिखित रूप में की जाना चाहिये।

5. धारा 10 सुलह आंतरिक समिति धारा 11 के अधीन जांच आरंभ करने से पूर्व और व्यथित महिला के अनुरोध पर शिकायत को यदि महिला चाहती है तो समझौते के आधार पर निपटाया जा सकता है। परंतु कोई धन लाभ के आधार पर समझौता नही किया जा सकता। 

6 आंतरिक समिति अभिलिखित किए गए समझौते की प्रतियॉ व्यथित महिला और प्रत्यर्थी को उपलब्ध कराएगी ।

7. सुलह के उपरांत आंतरिक समिति या स्थानीय समिति द्वारा कोई और जांच नही की जाएगी। 

8. धारा 11 परिवाद की जांच आंतरिक समिति, जहॉ प्रत्यर्थी कोई कर्मचारी है, वहां प्रत्यर्थी को लागू सेवा नियमां के उपबंधों के अनुसार और जहां ऐसे कोई नियम    विद्यमान नही है, वहॉ ऐसे रीति से जो विहित की जाए। 

9. जहॉ दोनो पक्षकार कर्मचारी है, वहां पक्षकारोे को जांच के अनुक्रम के दौरान, सुनवाई का अवसर दिया जाएगा और निष्कर्ष की प्रति दोनो पक्षकारो को समिति के समक्ष निष्कर्षो के विरूद्व अभ्यावेदन करने में उनको समर्थ बनाने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

10. आंतरिक समिति या स्थानीय समिति को वही शक्तियॉ होगी जो किसी वाद का विचारण करते समय सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के अधीन किसी सिविल न्यायालय में निहित है। किसी व्यक्ति को समन करना और उसको हाजिर कराना तथा उसकी शपथ पर परीक्षा करना, किसी दस्तावेज के प्रकटीकरण और पेश किए जाने की अपेक्षा करना।

11 शिकायत प्राप्त होने के 90 दिन में जांच प्रक्रिया पूरी करना होगा।

12. समिति पीडित, आरोपी, और गवाहो से पूछताछ कर सकती है।

13. समिति के सामने वकीलो को पेश होने की अनुमति नही है।

14 समिति आरोपी को यौन उत्पीडन का दोषी पाती है तो समिति नियोक्ता को आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करने के लिये सुझाव देगी।

15 इस कानून में यह जरूरी नही है कि जिस कार्यस्थल पर महिला का उत्पीडल हुआ है, वह वहॉ नौकरी करती हो।

16 कार्यस्थल कोई भी कार्यालय हो सकता है चाहे वह निजी संस्थान हो या सरकारी ।

17 जिस संस्था में 10 से अधिक कर्मचारी है, वहॉ आंतरिक समिति गठित करने के लिए वाध्य है।

18 शिकायत करते समय घटना को घटे तीन महीने से ज्यादा समय नही बीता हो। और यदि एक से अधिक घटनाएं हुई  है तो आखरी घटना की तारीख से तीन महीने तक समय पीडित के पास है।

टिप्पणियाँ

बेनामी ने कहा…
good jaankari
shiv ने कहा…
shaandaar

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कोर्ट मैरिज बनाम आर्य समाज शादी? प्रक्रिया, अंतर, फायदे और नुकसान

चेक बाउंस क्या है। Cheque bounse case lawyer in dehli

UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026